शेयर बाजार में कदम रखते ही ज्यादातर शुरुआती निवेशक वही गलतियां दोहराते हैं जो उनसे पहले लाखों लोग कर चुके होते हैं, इसका कारण यह नहीं है कि वे समझदार नहीं होते बल्कि इसलिए कि उन्हें सही दिशा समय पर नहीं मिल पाती, आज इस लेख में हम शांति से यह समझेंगे कि शुरुआती निवेशक कहां चूक करते हैं और वही काम सही तरीके से कैसे किया जा सकता है।
शुरुआती निवेशकों का स्वागत है,
अगर आप शेयर बाजार में नए हैं और सीखना चाहते हैं तो आप सही जगह आए हैं, इस लेख को नियमों की सूची की तरह नहीं बल्कि एक अनुभवी निवेशक की सलाह की तरह पढ़िए, क्योंकि बाजार में टिके रहने का सबसे बड़ा हथियार जानकारी नहीं बल्कि सोच होती है और सही सोच शुरुआत में बन जाती है तो आगे का सफर आसान हो जाता है।
शुरुआती निवेशक बड़ी गलती क्यों करते हैं?
सबसे बड़ी गलती जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद होती है, जब नया निवेशक बाजार में आता है तो वह सोचता है कि कुछ ही महीनों में बड़ा मुनाफा होगा और यही सोच उसे बिना समझ के फैसले लेने पर मजबूर कर देती है, वह शेयर के बिजनेस की जगह भाव पर ज्यादा ध्यान देने लगता है और यहीं से परेशानी शुरू होती है।
बिना रिसर्च निवेश करना क्यों नुकसानदायक है ?
अक्सर शुरुआती निवेशक किसी दोस्त की सलाह या सोशल मीडिया टिप्स पर शेयर खरीद लेते हैं, लेकिन जब भाव गिरता है तो वही लोग साथ नहीं होते, बिना रिसर्च किया गया निवेश भरोसे पर टिका होता है और बाजार भरोसे से नहीं बल्कि जानकारी से चलता है, यही वजह है कि ऐसे निवेश जल्दी तनाव में बदल जाते हैं।
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जोखिम को नजरअंदाज करना एक बड़ी चूक हो सकती है,
नया निवेशक अक्सर यह मान लेता है कि उसका चुना हुआ शेयर नहीं गिरेगा, वह जोखिम के बारे में सोचता ही नहीं और पूरा पैसा एक ही शेयर में लगा देता है, यह सोच बहुत खतरनाक होती है क्योंकि शेयर बाजार में कोई भी कंपनी उतार चढ़ाव से बच नहीं सकती।
निवेश का सही तरीका क्या है यह समझना जरूरी है ,
सही तरीका यह है कि निवेश को सीखने की प्रक्रिया माना जाए, शुरुआत छोटे अमाउंट से की जाए और धीरे धीरे बाजार को समझा जाए, जब आप सीखने के लिए निवेश करते हैं तो हर गिरावट नुकसान नहीं बल्कि अनुभव बन जाती है और यही अनुभव आगे चलकर आपको मजबूत निवेशक बनाता है।
सही कंपनी चुनने का नजरिया कैसे बनाएं रखें,,
सही कंपनी चुनने का मतलब यह नहीं है कि उसका शेयर रोज ऊपर जा रहा है, बल्कि यह देखना जरूरी है कि कंपनी का बिजनेस समझ में आता है या नहीं, क्या वह लंबे समय तक टिक सकती है और क्या उसका मैनेजमेंट भरोसेमंद है, ये सवाल सही दिशा दिखाते हैं।
लॉन्ग टर्म सोच क्यों जरूरी है,
लॉन्ग टर्म सोच शुरुआती निवेशक को गलत फैसलों से बचाती है, जब आप यह समझ लेते हैं कि पैसा समय के साथ बनता है तो आप रोज भाव देखने से बचते हैं और भावनाओं की जगह धैर्य से फैसले लेते हैं, यही धैर्य बाजार में टिके रहने की असली कुंजी है।
सीखते रहने की आदत क्यों जरूरी है
शेयर बाजार में सीख कभी खत्म नहीं होती, जो निवेशक पढ़ता रहता है और अपने फैसलों से सीखता है वही धीरे धीरे गलतियों से बचने लगता है, बाजार उन लोगों को इनाम देता है जो धैर्य और सीख दोनों को साथ लेकर चलते हैं।
निष्कर्ष,
शुरुआती निवेशक शेयर बाजार में गलती इसलिए करते हैं क्योंकि वे जल्दबाजी और अधूरी जानकारी के साथ कदम रखते हैं, लेकिन अगर वही निवेशक सही सोच, धैर्य और सीखने की आदत बना लें तो वही बाजार उनके लिए अवसर बन सकता है, यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है और किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी लेखक की नहीं होगी, निवेश करने से पहले स्वयं अध्ययन करना जरूरी है।

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